लखनऊ में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक लड़की एक टैक्सी ड्राइवर को पीटती है बाद में ज्ञात होता है कि टैक्सी ड्राइवर की कोई गलती नहीं थी। इसी पर मन में विचार आया कि आज आप सब से पूछूँ कि क्या लड़की ने उचित किया ? निःसंदेह आप सब कहेंगे क्या पागलपन वाला प्रश्न पूछ रहे हैं । यह सब आप इसलिए कह रहे क्योंकि वहाँ सीसीटीवी लगा था।ना लगा होता तब, ऑटो वाले ने पलटकर एक झापड़ लड़की को लगा दिया होता तब, क्या आप सब ऑटो वाले के साथ होते ? जरा सोचिए हमारा समाज किस ओर जा रहा है, क्या हमारे समाज में लिंग भेद खत्म हो गया है ? बहुतायत का जवाब होगा, हाँ। अब कहाँ बेटा-बेटी में भेद होता है ।जिनकी बेटियाँ हैं वो कहेंगे मेरी बेटियाँ ही मेरे बेटे हैं या मेरी बेटियाँ बेटों से कम नहीं हैं । अगर यही जवाब है तो सच मानिए भेद-भाव अभी भी हो रहा है।सोच रहे होंगे कैसे ? आज हम सब बेटियों को बढ़ावा देने के चक्कर में बेटों को नज़रअंदाज कर रहे हैं । हम लोग खान-पान,पहनावा,सुख-सुविधा,पढ़ाई सब तो एक जैसा रख रहे लेकिन सुरक्षा व संस्कार देने में चूक रहे हैं । हम सब मानकर बैठे हैं कि लड़के ही लड़कियों के साथ गलत व्यवहार करते...