बोर्ड रिजल्ट और समाज की सोच
सारे बोर्ड के रिजल्ट आ चुके हैं और इस समय मैं विचलित हूॅं । इसलिए नहीं कि मेरे किसी खास का नम्बर कम आया है बल्कि इसलिए कि क्या जिन बच्चों ने बोर्ड की परिक्षा दी है , उनसे उनका रिजल्ट पूछना चाहिए या नहीं । मेरे बच्चों का कहना है कि ," तुम क्यों रिजल्ट पूछती हो, लोग खुद ही बता देंगे ।" वैसे मैं केवल अपने खास का ही बोर्ड रिजल्ट पूछती हूॅं , किसी भी कॉम्पटीशन का नहीं । मेरा बेटे ने जब दसवीं की परीक्षा दी थी तब वो घर का पहला बच्चा था तो उस समय मैंने खुद सबको फोन से सूचित किया था , जिनको सूचित नहीं कर पाई उन्होंने फोन कर पूछा और मैंने सबको बताया भी । ज्यादातर लोगों को केवल पर्सेंट से मतलब था केवल भइया ने ही हर विषय का नंबर पूछा था । वो ना केवल हर विषय का नंबर पूछता है वरन् भतीजों का नंबर अलग-अलग बताता भी है । बच्चों का बोर्ड का रिजल्ट क्यों नहीं पूछना चाहिए , मुझे समझ नहीं आता । मुझे लगता है कि बच्चों से ज्यादा...